टिंडर वाले बाबू मेरा खाता चला दो!

Love and Sex

टिंडर वाले बाबू मेरा खाता चला दो!

Illustration: Sushant Ahire

द का चाँद साल में दो बार निकलता है, फिर भी उसे “नायाब” कह दिया जाता है । पर मेरी नम्र राय में “नायाब” उन मौक़ों पर इस्तेमाल होना चाहिये जो कई सालों में एक बार आएँ, जैसे अच्छे दिन आएँगे तो नायाब मौक़ा होगा ।

कहते हैं किसी के भी नाम का असर सीधे-सीधे उसकी शख़्सियत पर पड़ता है । शायद इसीलिए फ़ोन को अब स्मार्ट्फ़ोन कहा जाने लगा है । स्मार्ट इसीलिए क्योंकि “You got a new match” के आगे जो आँखों में दिल वाला गुड्डा बना होता है, वो आपको आपसे ज़्यादा जानता है ।

पहले कभी ध्यान नहीं दिया था, पर टिंडर पे जब मैच आता है तो notification की घंटी Facebook Messenger जैसी नहीं होती, बल्कि थोड़ी अलग होती है । हालाँकि मुझे कोई देख नहीं रहा था पर मैंने फुल एक्टिंग की, कि जैसे ऐसे notification तो मेरा रोज़ का है । पर उसी सुरीली आवाज़ में जब एक और घंटी बजी, तो लगा की कहीं घर आई लक्ष्मी रूठकर ना चली जाए ।

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